मुनि क्यारे बनीये, सुव्रत क्यारे लईए (२ बार)

मुनिसुव्रत जेवा अमे क्यारे थईए (२ बार)

मुनि क्यारे बनीये, सुव्रत क्यारे लईए (२ बार)

मारग बताव्यो बताव्या छे तत्व,

चाली शकीये नथी एवं सत्व (२ बार)

ममत्व ने त्यागी विरत्त क्यारे थईये (२ बार) ।। १।।

मुनिसुव्रत जेवा अमे क्यारे थईए मुनि क्यारे बनीये,

सुव्रत क्यारे लईए (२ बार)

सामे थी चाली ने तार्यो रे अश्व,

एवं छे स्वामी तमारुं महत्व (२ बार)

तुं तारवावे तो अमे पण तरीये (२ बार) ।।२।।

मुनिसुव्रत जेवा अमे क्यारे थईए मुनि क्यारे बनीये,

सुव्रत क्यारे लईए (२ बार)

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